भारत विभिन्न प्रकार के धर्मों का देश है। यहां पर विभिन्न प्रकार के धर्म का जन्म हुआ है, जैन धर्म (Jain Religion or Jain or Jainism) का जन्म भी भारत देश में ही हुआ था एवं आज जैन धर्म भारत के प्रमुख धर्म में से एक है। जैन धर्म में विभिन्न प्रकार की मान्यताएं हैं, विभिन्न प्रकार की पूजा पद्धतियां है, उन्ही पद्धतियों में से केसर सेवा पूजा की एक पद्धति है। आज हम इस पोस्ट में Jain Kesar Seva Steps के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। तो आगे बढ़ते हैं एवं जानते हैं कि Jain Temple या घर Jain Kesar Seva किस प्रकार से पूरी की जाती है।
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Jain Kesar Seva Steps :
Jain Kesar Seva एक धार्मिक सेवा या पुजा की पद्धति है, जिसमें विभिन्न जैन तिर्थंकरों, भगवानों और जैन देवी-देवताओं को शुद्ध केसर (केसर चंदन) अर्पित किया जाता है एवं पुजा अर्पण की जाती है।
अच्छा, अगर आपसे पूछा जाए की यह सेवा (Jain Kesar Seva) क्यों महत्वपूर्ण है तो इसका जवाब होगा की कोई भी पूजा भक्ति, शुद्धि और आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक मानी जाती है, Kesar को भगवान के तिलक का आधार माना जाता है, इसी लिए Jain Kesar Seva steps बहुत – बहुत महत्वपूर्ण है। Jain Kesar Seva को जैन मंदिर (Jain Derasar देरासर or Jain Basadi Jain Mandir) या फिर घर में विशेष पूजा, अभिषेक और त्योहारों के अवसर पर किया जाता है।
Jain Kesar Seva कैसे की जाती है ?
यह सेवा जैन भगवान महावीर स्वामी जी की मूर्ति पर केसर द्वारा पूजा करने की विधि से निम्न प्रकार की जाती है अर्थात Jain Kesar Seva steps इस प्रकार से है –
नहा धोकर तैयार होना:
सबसे पहेले स्नान करें और शुद्ध सफेद वस्त्र धारण करें (धोती-कुर्ता पुरुषों के लिए, साड़ी स्त्रियों के लिए)।
जब तक पूजा न हो जाए तब तक भोजन ग्रहण न करें:
पूजा पूरी होने के बाद भी jain food ही ग्रहण करें ।
पूजा हेतु थाली की तैयारी:
पूजा हेतु थाली तैयार करें जिसमें निम्नलिखित सामग्री हो:
- शुद्ध केसर (जल या दूध में घुला हुआ)
- चंदन (चंदन पेस्ट)
- दीपक, चावल, जल पात्र, पुष्प आदि।
भगवान को केसर अर्पण करना:
घर के पूजा स्थान पर या फिर मंदिर (Jain Derasar देरासर or Jain Basadi Jain Mandir) में जाकर आपको नवकार मंत्र (ॐ णमो अरिहंताणं) का जाप करें।
भगवान की मूर्ति पर निम्नलिखित स्थानों पर केसर अर्पण करें:
श्री मध्य (छाती पर) – यह स्थान भगवान की पवित्रता और करुणा का प्रतीक है।
श्री हस्त (हाथों पर) – यह स्थान भगवान के आशीर्वाद और कृपा का प्रतीक है।
श्री चरण (पैरों पर) – यह स्थान भगत के समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक है।
आप चाहे तो केसर को जल में मिलाकर भी भगवान को अभिषेक भी कर सकते हैं।
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किस प्रकार मंत्र जाप करें:
भगवान को केसर अर्पण करते समय नवकार मंत्र या जैन धर्म से संबन्धित भजन गाएं।
दीपक जलाएं, Jain Symbol बनाएँ तथा भगवान का गुणगान करें।
प्रार्थना:
Jain Kesar Seva steps के बाद शांति, मोक्ष और आत्मिक शुद्धि के लिए प्रार्थना करें।
मिच्छामि दुक्कड़म (जो की जैन धर्म की क्षमा प्रार्थना है) करें और अन्य भक्तों को केसर जल या चंदन मिलाकर प्रसाद दें। प्रसाद में कुछ मीठा ही रखें ।
Jain Kesar Seva कब की जाती है?
✔️आप इस सेवा को रोज़ाना सुबह मंदिर या अपने घर में कर सकते हैं ।
✔️ आप Jain Kesar Seva को त्योहारों पर जैसे की पर्युषण पर्व, महावीर जयंती, दसलक्षण पर्व आदि पर कर सकते हैं।
✔️ आप इस सेवा को विशेष धार्मिक अवसरों पर जैसे की अट्ठाई तप, सिद्धचक्र पूजन, कुलदेवता पूजन आदि पर भी कर सकते हैं। ।
✔️ Jain Kesar Seva को आप व्यक्तिगत शुभ अवसरों पर भी जन्मदिन, वर्षगांठ, और व्रत संकल्प पूर्ण होने पर।
जैन केसर सेवा का महत्व:
Jain Kesar Seva का निम्नलिखित महत्व होता है –
मन की शुद्धता, पवित्रता और मंगलता – जैसे की आप जानते हैं की केसर पवित्र होता है, इसी लिए माना जाता है की Jain Kesar Seva शुद्धता, पवित्रता, मंगलता एवं ज्ञान का प्रतीक है।
भक्ति की अभिव्यक्ति – जैन भगवान की मूर्तियों पर केसर अर्पण करना यह दर्शाता है की यह भगवान के प्रति आपकी गहरी श्रद्धा और समर्पण दिखाता है।
कर्मों का शुद्धिकरण (पुण्य लाभ) – जैसे की आप जानते हैं की इंसान गलतियों का पुतला है, ऐसा माना जाता है कि केसर सेवा करने से आपके पापों से मुक्ति मिलती है, आत्मा शुद्ध होती है और अच्छे कर्म या पुण्य आपके द्वारा किए जाते हैं।
अहिंसा का प्रतीक – फूलों के विपरीत, Jain Kesar Seva में प्रयोग में लाने वाला केसर अहिंसा-आधारित होता है, जो जैन सिद्धांतों के अनुरूप है।
जैन केसर सेवा कौन कर सकता है?
✔️ Jain Kesar Seva कोई भी श्रद्धालु, पुरुष या महिला, शुद्ध भाव साथ कर सकता है।
✔️ जैन मंदिर (Jain Derasar देरासर or Jain Basadi or Temple Jain) में इसे जैन पुजारी (पाठशालाधारी) कर सकते हैं।
Conclusion on Jain Kesar Seva Steps
जैन केसर सेवा केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और आत्मशुद्धि का एक महान कार्य है। यह पवित्रता, अहिंसा, और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है। इस सेवा के द्वारा आप अपने आप को भगवान के अधिक पास अनुभव या feel करता है। जैन धर्म के बारे में अगर आप जानना चाहते हैं तो जैनिज़्म की वैबसाइट पर जाकर पढ़ सकते है।
Few Important Questions on Jain Kesar Seva Steps:
क्या इस सेवा को Jain Center of America में अर्पण कर सकते हैं ?
आप Jain Kesar Seva को न केवल Jain Center of America में कर सकते हैं बल्कि किसी भी जैन मंदिर (Jain Derasar देरासर or Jain Basadi or Temple Jain) या अपने घर पर भी कर सकते हैं ।
Jain Kesar Seva करने के बाद आप किस प्रकार से अपने व्रत को खोल सकते हैं ?
जैसा का आप प्रश्न से समझ गए होंगे की Jain Kesar Seva के लिए आपको व्रत रखना होगा एवं तब तक कुछ नहीं खाना जब तक Jain Kesar पूरी नहीं होती। पूजा पूरी होने के बाद आपको Jain Food द्वारा ही अपना व्रत खोलना होगा।
जैन केसर सेवा (Jain Kesar Seva) क्या है?
जैन केसर सेवा एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान या भगवान को पूजा करने की विधि है जिसमें भगवान की मूर्ति पर शुद्ध केसर को अर्पित किया जाता है। यह सेवा भक्ति, शुद्धता और पुण्य प्राप्ति की प्रतीक मानी जाती है।